देवरिया की बेटी निधि कुशवाहा की अनोखी कला, महापुरुषों की प्रतिमाएँ बनाकर बिखेर रहीं हुनर का जादू
देवरिया, उत्तर प्रदेश। जनपद देवरिया की धरती प्रतिभाओं से भरी हुई है। यहां के युवा और बेटियां अपनी मेहनत, लगन और रचनात्मक सोच के बल पर अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम कौरौदा टोला (चुपवा) की रहने वाली निधि कुशवाहा अपनी अनोखी कलात्मक प्रतिभा के कारण ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
निधि कुशवाहा, पुत्री श्री जयप्रकाश कुशवाहा, महापुरुषों और प्रसिद्ध व्यक्तित्वों की प्रतिमाएं बनाने में रुचि रखती हैं। अपनी कला के माध्यम से वह रचनात्मकता और मेहनत का परिचय दे रही हैं। उन्होंने देवरिया की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल की प्रतिमा भी बनाई है।
प्रतिभाशाली बेटी से मिलने पहुंचे निलेश साह
निधि कुशवाहा की कला के बारे में जानकारी मिलने के बाद निलेश साह उनसे मिलने पहुंचे। इस मुलाकात के दौरान उनकी कलात्मक रुचि और प्रतिमा निर्माण से जुड़े कार्य को करीब से जानने का अवसर मिला। यह मुलाकात स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उनके प्रयासों को समाज के सामने लाने की भावना से जुड़ी रही।
किसी भी कलाकार के लिए प्रतिमा बनाना धैर्य, अभ्यास, बारीकी और कल्पनाशीलता का काम होता है। किसी प्रसिद्ध व्यक्तित्व की प्रतिमा तैयार करने के लिए उसके स्वरूप को समझना और उसे कलात्मक रूप देना महत्वपूर्ण होता है। निधि इस कला के माध्यम से अपनी रचनात्मक क्षमता को आगे बढ़ा रही हैं।
IAS दिव्या मित्तल की प्रतिमा बनी चर्चा का विषय
निधि कुशवाहा द्वारा IAS अधिकारी दिव्या मित्तल की प्रतिमा तैयार करना उनके कलात्मक प्रयासों का उल्लेखनीय उदाहरण है। दिव्या मित्तल देवरिया से जुड़ी चर्चित प्रशासनिक अधिकारी रही हैं। उनकी प्रतिमा बनाकर निधि ने अपने हुनर को अभिव्यक्त करने का प्रयास किया है।
कला केवल किसी आकृति को तैयार करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह कलाकार की सोच, मेहनत और रचनात्मक दृष्टिकोण को भी व्यक्त करती है। लगातार अभ्यास और उचित मार्गदर्शन से इस तरह की प्रतिभा को और विकसित किया जा सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी हैं अनेक प्रतिभाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक युवा और बेटियां अपनी रुचि के अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। किसी को चित्रकला पसंद है, कोई हस्तशिल्प में रुचि रखता है, तो कोई प्रतिमा निर्माण जैसी रचनात्मक गतिविधियों में अपनी क्षमता दिखाता है। हालांकि, कई बार उचित मंच और संसाधनों की कमी के कारण उनकी प्रतिभा सीमित दायरे में ही रह जाती है।
ऐसे में स्थानीय प्रतिभाओं से मिलना, उनके काम को समझना और उनके प्रयासों को सामने लाना महत्वपूर्ण हो जाता है। इससे दूसरे युवाओं को भी अपने हुनर को पहचानने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है।
बेटियों की प्रतिभा को मिले प्रोत्साहन
आज बेटियां शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, साहित्य और कला सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। ग्रामीण परिवेश से आने वाली प्रतिभाशाली बेटियों को भी अपनी क्षमता विकसित करने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए।
निधि कुशवाहा की कला इसी दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करती है। परिवार और समाज से प्रोत्साहन, निरंतर अभ्यास और उचित अवसर मिलने पर वह अपनी कला को और निखार सकती हैं। उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना स्थानीय स्तर पर रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में उपयोगी कदम हो सकता है।
स्थानीय हुनर को पहचान दिलाना जरूरी
देवरिया जिले में स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के लिए उनके कार्यों और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है। जब किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति के प्रयासों को उचित मंच मिलता है, तो उसका उत्साह बढ़ता है और अन्य लोग भी अपने हुनर को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित होते हैं।
निधि कुशवाहा से निलेश साह की मुलाकात स्थानीय प्रतिभा को करीब से जानने का अवसर रही। निधि की कला और उनके प्रयास यह संदेश देते हैं कि प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मेहनत के साथ-साथ प्रोत्साहन और अवसर भी महत्वपूर्ण हैं।
नाम: निधि कुशवाहा
पिता: श्री जयप्रकाश कुशवाहा
ग्राम: कौरौदा टोला (चुपवा)
पोस्ट: माड़ीपुर
थाना: खामपार
तहसील: भाटपार रानी
जिला: देवरिया, उत्तर प्रदेश
